ncert solutions for class 9 social science geography chapter 3

अपवाह 

“अपवाह” एक क्षेत्र के नदी तंत्र की व्याख्या के लिए उपयोग है। एक नदी तंत्र द्वारा किसी क्षेत्र का प्रवाहित होता है उसे अपवाह द्रोणी कहते है। गंगा की मुख्य धारा भगीरती देवप्रयाग में अलकनंदा से मिल जाती है। हरिद्वार में गंगा पहाड़ों को छोड़ कर मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है। ब्रह्मपुत्र नदी में तिब्बत में गाद कम होता है क्योंकि तिब्बत एक शुष्क तथा शीत क्षेत्र है। प्रायद्वीपीय भारत की मुख्य नदियों में नर्मदा, ताप्ती, महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी है।

भारत का सबसे बड़ा जल प्रपात कर्नाटक में शरावती नदी पर जोग पर प्रपात है इसकी ऊंचाई 255 मीटर है। पृथ्वी के धरातल का 71 प्रतिशत  भाग जल से ढका हुआ है लेकिन इसका 97 प्रतिशत जल लवणीय है केवल 3 प्रतिशत भाग ही स्वच्छ जल के रूप में है जिसका ¾ भाग हिमानी के रूप में है। भारत में मीठे पानी की प्राकृतिक झीलें:- वुलर, डल, भीमताल, नैनीताल, लोकताक तथा बड़ापनी है। मानव निर्मित झीलों में गोदावरी सागर, राणा प्रताप सागर, निज़ाम सागर, महत्त्वपूर्ण हैं। विश्व  सबसे बड़ा डेल्टा सुंदर वन है, सुंदर वन डेल्टा का नाम यहां पाए जाने वाले सुंदरी के पेड़ के कारण पड़ा है। 

प्रश्न 1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुने :

(i) निम्नलिखित में से कौन से वृक्ष की शाखाओं के समान अपवाह प्रतिरूप प्रणाली को दर्शाता है?

  1. अरीय
  2. केंद्राभिमुख
  3. द्रुमाकृतिक
  4. जालीनुमा

उत्तर. केंद्राभिमुख 

(ii) वूलर झील निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

  1. राज्यस्थान
  2. पंजाब
  3. उत्तर प्रदेश
  4. जम्मू-कश्मीर

उत्तर. जम्मू- कश्मीर

(iii) नर्मदा नदी का उद्घम कहां से है?

  1. सतपुड़ा
  2. अमरकंटक
  3. ब्रह्मगिरी
  4. पश्चिमी घाट के ढाल

उत्तर. ब्रह्मगिरी

(iv) निम्नलिखित में से कौन- सी लवणीय झील है?

  1. सांभर
  2. वूलर
  3. डल
  4. गोबिंद सागर

उत्तर. सांभर

(v) निम्नलिखित में से कौन- सी नदी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है?

    (क) नर्मदा

   (ख) गोदावरी    

   (ग)  कृष्णा

   (घ) महानदी

उत्तर. कृष्णा

(vi) निम्नलिखित नदियों में से कौन- सी नदी भ्रंश घाटी में होकर बहती है?

  1. महानदी
  2. कृष्णा
  3. तुंगभद्रा
  4. तापी

उत्तर. तापी

प्रश्न 2. a) जल विभाजन का क्या कार्य है?

उत्तर. जल विभाजन दो नदियों के अपवाह को परस्पर पृथक करता है या बांट देता है।

उदाहरण: हिमालय पर्वत एवं अंबाला सबसे बड़े जल-विभाजन है।

b) भारत मे सबसे विशाल नदी द्रोणी कौन-सी है?

उत्तर. भारत में सबसे विशाल नदी द्रोणी गंगा है।

c) सिंधु एवं गंगा कहां से निकलती है?

उत्तर. सिंधु नदी, मानसरोवर झील के निकट से और गंगा नदी गंगोत्री से निकलती हैं।

d) गंगा की दो मुख्य धाराओं के नाम लिखिए? ये कहां पर एक दूसरे से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती है?

उत्तर. ‘भागीरथी’ तथा ‘अलकनंदा’ गंगा की दो मुख्य धाराएं है। ये देवप्रयाग में एक दूसरे से मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं।

e) लंबी धारा होने के बावजूद तिब्बत के क्षेत्रों में ब्रह्मपुत्र में कम गाद (सिल्ट) क्यों है?

उत्तर. यद्यपि तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी का मार्ग काफी लम्बा है परन्तु वही नदी में गाद की मात्रा काफी कम होती है जिसके प्रमुख कारण इस प्रकार है – 

  1. तिब्बत में ब्रह्मपुत्र में जल की मात्रा बहुत ही कम होती है। फलस्वरूप इसमें अपरदन करने का इतना सामर्थ्य नहीं होता।
  2. तिब्बत एक पर्वतीय क्षेत्र है जिसका अधिकांश भाग कठोर शैलों से बना हुआ है। इसलिए यहां अपरदन जैसी क्रियाएं न के बराबर होती है। अतः यहां गाद की मात्रा प्रायः कम पाई जाती है।
  3. तिब्बत एक ठंडा तथा शुष्क प्रदेश है जहां वर्षा काफी कम होती है। फलस्वरूप नदी में पानी की मात्रा कम तथा गाद की मात्रा भी कम होती है।

f) कौन-सी दो प्रायद्वीपीय नदियां गर्त से होकर बहती है। समुद्र में प्रवेश करने से पहले वे किस प्रकार की आकृतियों का निर्माण करती है।

उत्तर. नर्मदा और तापी नदियां गर्त से होकर बहती है। ये नदियां महाखंड, प्रपात, भ्रंश-घाटी और ज्वारनदमुख का निर्माण करती है।

g) नदियों एवं झीलों के कुछ आर्थिक महत्व बताएं।

उत्तर. 1. नदियों एवं झीले आर्थिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं, इनके द्वारा भूमि की सिंचाई की जाती है जो देश में खाद्यान्नो की मात्रा को बढकर देश को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है।

2. विभिन्न प्रकार की जन-उपयोगी परियोजनाएं जैसे- राणा प्रताप सागर, नागार्जुन सागर तथा हिराकुंड बांध आदि इन्ही के कारण संभव हो पाई है।

3. पर्यटन उद्योग को समृद्ध करने में नदियों एवं झीलों का विशेष योगदान रहा है, जिसमे विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक, वाणिज्यिक तथा आर्थिक लाभ होते है।

4. देश के उद्योग तथा घरो में प्रकाश के लिए विद्युत इन्ही नदियों तथा झीलों के जल से पैदा की जाती है।

5. नदियां तथा झीलें नौ-संचालन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जो माल ढुलाई का एक महत्वपूर्ण साधन है।

प्रश्न 3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न- नीचे भारत की कुछ झीलों के नाम दिए गए हैं। इन्हें प्राकृतिक तथा मानव- निर्मित वर्गों में बांटिए।

  1. वूलर
  2. डल
  3. नैनीताल
  4. भीमताल
  5. गोविंदसागर
  6. लोकताक
  7. बारापानी
  8. चिल्का
  9. सांभर
  10. राणा प्रताप सागर
  11. निजामसागर
  12. पुलीकट
  13. नागार्जुन सागर
  14. हीराकुंड

उत्तर.

प्राकृतिक झीलेंमानव निर्मित
1. वूलरगोविंद सागर
2. डलराणा प्रताप सागर
3. नैनीतालनिजाम सागर
4. भीमतालनागार्जुन सागर
5. लोकतालहीराकुंड
6. बारापानी
7. चिल्का
8. सांभर

प्रश्न 4. हिमालय तथा प्रायद्वीपीय नदियों के मुख्य अंतरों को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर.  हिमालय पर्वत से निकलने वाली नदियां

  1. हिमालय पर्वत की नदियां हिमाच्छादित शिखरों से निकालती है इसलिए ये नदियां सारा साल- भर बहती रहती हैं।
  2. हिमालय की नदियां समतल उत्तरी मैदान में बहती हैं इसलिए ये नदियां सिंचाई और जहाज़ रानी के लिए उपयोगी हैं।
  3. हिमालय से निकलने वाली नदियां अपने साथ उपजाऊ जलौढ मिट्टी लाती है जिसे वे गंगा के मैदान में बिछा देता है।
  4. इन नदियों में से नहरें निकाल कर सिंचाई की व्यवस्था की गई है।
  5. इन नदियों के किनारों पर कई बड़े- बड़े नगर और व्यापार के केन्द्र स्थित हैं।

प्रायद्वीपीय नदियां

  1. दक्कन के पठार की नदियां या प्रायद्वीपीय नदियों के जिन पर्वतों में उद्गम स्थल हैं वे हिमाच्छादित नहीं हैं। अतः ये नदियां ग्रीष्म ऋतु में शुष्क हो जाती हैं।
  2. दक्कन की पठारी नदियां या प्रायद्वीपीय नदियां विषम चट्टानी धरातल पर बहती है, इसलिए न तो ये नदियां सिंचाई के लिए उपयोगी हैं और न ही जहाजरानी के लिए।
  3. दक्कन के पठार की नदियां या प्रायद्वीपीय नदियां अपने साथ दोमट मिट्टी नहीं लाती।
  4. पथरीला धरातल होने के कारण और नदियों के किनारे ऊंचे होने के कारण नहरें नहीं निकाली जा सकतीं। संग्रहित जल छोटी- छोटी नहरों द्वारा खेतों में सिंचाई के लिए पहुंचाया जाता है।
  5. इन नदियों के किनारे बहुत कम बड़े नगर या व्यापार के केन्द्र है।

प्रश्न 5. प्रायद्वीपीय पठार के पूर्व तथा पश्चिम की ओर बहने वाली नदियों की तुलना कीजिए।

उत्तर. पूर्व की ओर बहने वाली नदियां

  1. प्रायद्वीपीय पठार के पूर्व में बहने वाली मुख्य नदियां महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी हैं।
  2. ये नदियां खाड़ी बंगाल में गिरती हैं।
  3. ये नदियां जिन घाटियों में बहती हैं वे इतनी तंग और उतनी गहरी नहीं होती।

पश्चिमी की ओर बहने वाली नदियां

  1. प्रायद्वीपीय पठार की पश्चिम की ओर बहने वाली मुख्य नदियां नर्मदा और तापी है।
  2. ये नदियां अरब सागर में गिरती है।
  3. ये नदियां बड़ी तंग और गहरी घाटियों से होकर बहती है।

प्रश्न 6. किसी देश की अर्थव्यवस्था के लिए नदियां महत्वपूर्ण क्यों हैं?

उत्तर. Same as question 2

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