bharat ka bhautik swaroop / भारत का भौतिक स्वरूप

Bharat ka Bhautik Swarup in Hindi – Geography Chapter 2

प्लेट विवृतनिक का सिद्धांत: एक सिद्धांत जो भौतिक आकृतियों के निर्माण की व्याखया करने की कोशिश करता है। प्लेट विवर्तनिक के सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी की ऊपरी परपटी सात बड़ी एवम् कुछ छोटी प्लेटो से बनी है। हिमालय को नवीन वलित पर्वत कहा जाता है। हिमालय की लंबाई 2400 किलोमिटर है तथा चौड़ाई कश्मीर में 400 किलोमीटर तथा अरुणाचल प्रदेश में 150 किलोमिटर है।

भू- पृष्ट की मुख्य प्लेटें:- 

  1. यूरेशियन प्लेट 
  2. इडिंयन प्लेट 
  3. अफ़्रीकन प्लेट 
  4. उत्तरी अमेरिकन प्लेट 
  5. दक्षिण अमेरकिन प्लेट 
  6. अंटाकर्तिक प्लेट 
  7. प्रशांत महासागरीय प्लेट 

प्रायद्वीपीय पठार की विशेषताएँ:-

  1. यह प्राचीनतम भू-भाग गोंडवाना भूमि का एक मेज़ की आकृति वाला स्थल है जो आग्नेय, पुराने क्रिस्टलये तथा रूपांतरित शैलों सव बना हैं। 
  2. इस पठार का एक भाग उत्तर पूर्व में भी देखा जा सकता है इसे मेघालय तथा कार्बी आंगलौंग पठार भी कहते हैं। 
  3. दक्षिणी पठार के पश्चिमी तथा पूर्वी किनारे क्रमशः पश्चिमी घाट तथा पूर्वी घाट कहलाते है। 

देशान्तरी विस्तार के अनुसार हिमालय को तीन श्रेणियों में बांटा जाता हैं:

(क) हिमाद्रि

(ख) हिमाचल

(ग) शिवालिक

हिमाद्री की विशेषताएँ:- 

  1. यह सब से अधिक सतत श्रृंखला जिसमें 6000 मीटर की औसत ऊंचाई वाले सर्वाधिक ऊँचे शिखर हैं। 
  2. हिमालय के इस भाग का क्रोड़ ग्रेनाइट का बना हुआ है। 
  3. यह श्रृंखला सदेव बर्फ़ से ढकी रहती है तथा इससे बहुत से हिमानियो का प्रवाह होता है। 

हिमाचल की विशेषताएँ:- 

  1. इन श्रृंखलाओं का निर्माण मुख्यतः अत्यधिक संपीड़ित तथा परिवर्तित शैलों से हुआ है। 
  2. इनकी ऊँचाई 3700 मीटर से 4500 मीटर के बीच है तथा चौडाई 50 किलोमीटर है, पीर पंजाल श्रृंखला सबसे लंबी है तथा धोलधर एंड महासागर श्रृंखलाएं भी महत्त्वपूर्ण है। 
  3. कश्मीर की घाटी तथा हिमाचल की काँगड़ा तथा कुल्लू की घाटियाँ इसी में स्थित है। 

शिवालिक की विशेषताएँ:- 

  1. इस की चौड़ाई 10 से 50 किलोमीटर तथा ऊँचाई 900 से 1100 मीटर से बीच है। 
  2. यह श्रृंखलाएँ उत्तर में स्थित मुख्य हिमालय की श्रृंखलाओं से नदियाँ के द्वारा लायी गई असंपीड़ित अवसादों से बनी है। 
  3. शिवालिक के बीच में स्थित यह लंबवत घाटी तो दून के नाम से जाना जाता है। जैसे देहरादून कोतलिदून तथा पाटलीदून। 

पूर्वांचल पटकाई, नागा, मिजो तथा मणिपुर की पहाड़ियों से मिलकर बनता है। अनाई मुड़ी पश्चिम घाट की सबसे ऊंची शिखर है जिसकी ऊंचाई 2695 मीटर है जबकि महेंद्रगिरी पूर्वी घाट का सबसे ऊंचा शिकार है जिसकी ऊंचाई 1501 मीटर है। प्रायद्वीपीय पठार का वह क्षेत्र जहां काली मृदा पाई जाती है वह दक्कन ट्रैप कहलाता हैं।लक्षद्वीप का नाम 1973 में पड़ा इससे पहले इनको लाकदीव, मीनिकाए और ऐमिनदीव कहा जाता था।

भारत में हिमालय के ऊँचे शिखर के नाम और उनकी ऊँचाई:-

  1. कंचनजुंगा (8598 मीटर) 
  2. नंगा पर्वत(8126 मीटर) 
  3. कोमेट (7756 मीटर) 
  4. नामचा बरुआ (7756 मीटर) 

पश्चिमी घाट :- 

  1. पश्चिमी घाट पश्चिमी तट के सामानांतर सतत श्रृंखला है जिसे केवल दर्रों से पार ही किया जाता है। 
  2. पश्चिमी घाट की ऊँचाई 900 से 1600 मीटर है, पश्चिमी घाट की ऊँचाई उत्तर से दक्षिण की बदली जाती है। 
  3. अनाई मुड़ी इसका सबसे ऊँचा शिखर है।

पूर्वी घाट:- 

  1. पूर्वी घाट पूर्वी तट के सामानांतर असतत श्रृंखला है जिसे बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियों ने काट दिया है।
  2. पूर्वी घाट की औसत ऊँचाई 600 मीटर है। 
  3. महेंद्गिरी इसका सबसे ऊँचा शिखर है। 

दोआब का अर्थ है दो नदियों के बीच की भूमि। चिल्का झील भारत में खारे पानी की सबसे बड़ी झील है, यह ओड़िशा में स्थित हैं।

डेल्टा नदी के सागर में मिलने से पहले उसके प्रवाह में हल्का सा अवरोध आने पर मलबे का निक्षेपण होने लगता है।इससे अवसाद जमा होकर एक त्रिभुजाकार रूप ले लेते है।जिसे डेल्टा कहते है।

हिमाचल में पाए जाने वाले प्रमुख दर्रे: काराकोरम दर्रा , रोहतांग दर्रा, वुजिर्ल दर्रा, जोजिला दर्रा, पीरपंजाल दर्रा, शिपकिला दर्रा ।

भारत को प्रायद्वीप इसलिए कहा जाता है क्योंकि भारत के तीन ओर समुद्र है और उत्तर में हिमालय पर्वत है। तीन ओर से समुद्र से घिरा होने के कारण इसकी तटीय रेखा बहुत लम्बी है पश्चिमी तट और पूर्वी तट। पूर्वी तट बहुत विस्तृत हैं। क्योंकि बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियों जैसे कृष्णा, कावेरी, गोदावरी, महानदी इस भाग को चौड़ा कर देती है और उपजाऊ भी बना देती है। 

पश्चिमी तटीय मैदान:- 

  1. पश्चिमी घाट तथा अरब सागर के मध्य स्थित मैदान हैं। 
  2. पश्चिमी तटीय मैदान के तीन भाग हैं। 
  3. उत्तरी भाग को कोंकण, मध्य भाग को कन्नड़ तथा दक्षिणी भाग को मालाबार कहते है। 
  4. पश्चिमी तटीय मैदान कम चौड़ा है। 

पूर्वी तटीय मैदान:- 

  1. पूर्वी घाट से बंगाल की खाड़ी के मध्य स्थित मैदान हैं। 
  2. पूर्वी मैदान दो भागो में विभाजित है उत्तरी भाग को सिर्सर तथा दक्षिणी भाग को कोरोमंडल तट के नाम से जाना जाता है। 
  3. यह मैदान विस्तृत है। 

भारतीय मरुस्थल की विशेषताएँ:- 

  1. इस क्षेत्र में वनस्पति बहुत कम है। 
  2. इस क्षेत्र में 150 मि.मी. के कम वार्षिक वर्षा होती है। 
  3. इस क्षेत्र की नदियाँ समुद्र तक कम जल होने के कारण नहीं पहुँच पाती और केवल वर्षा ऋतु में ही दिखाई देती हैं। 
  4. बरकान (अर्धचंद्राकार बालू का टीला) इस क्षेत्र में अधिक मिलते है, लम्वत बालू के टीले भारत-पाकिस्तान की सीमा के निकट जेसलमेर में दिखाई देते है। 
  5. लूनी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी नदी है।

भारत का भौतिक स्वरूप प्रश्न उत्तर / class 9 geography chapter 2 in hindi

प्रश्न 1. a) एक स्थलीय भाग जो तीन ओर से समुद्र से घिरा हो-

उत्तर. प्रायद्वीप।

b) भारत के पूर्वी भाग में म्यांमारकी सीमा का निर्धारण करने वाले पर्वतों का संयुक्त नाम-

उत्तर. पूर्वांचल।

c) गोवा के दक्षिण में स्थित पश्चिम तटीय पट्टी-

उत्तर. कोंकण।

d) पूर्वी घाट का सर्वोच्चक शिखर-

उत्तर. महेंद्रगिरी।

प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नो के उत्तर दीजिए –

  1. भूगर्भिय प्लेटें क्या है?

उत्तर. पृथ्वी की आंतरिक हलचलों के कारण उत्पन्न विभिन्न प्रकार की तरंगों के कारण पृथ्वी की ऊपरी परत विभिन्न टुकड़ों में विभाजित हो जाती है, इन विभाजित टुकड़ों को ही भूगर्भिय अथवा स्थलमण्डलीय प्लेटें कहा जाता है। भू-वैज्ञानिको के अनुसार ऐसी भूगर्भीय प्लेटों की संख्या सात है।

b) आज के कौन से महाद्वीप गोंडवाना लैंड के भाग थे?

उत्तर. आज के दक्षिणी अमेरिका, अफ़्रीका, आस्ट्रेलिया तथा एशिया महाद्वीप गोंडवाना लैंड का भाग थे।

c) ‘भाबर’ क्या है?

उत्तर. वह मैदानी भाग भांबर कहलाता है जहाँ नदी अपने साथ बहाकर लाये गए कंकड़, पत्थर, बजरी तथा रेत का निक्षेप करती है। भारत में शिवालिक श्रेणी की तलहटी में सिन्धु नदी से तिस्ता नदी तक 8 से 16 किलोमीटर की पट्टी में भाबर क्षेत्र निर्मित है। इस क्षेत्र में नदियाँ प्रायः भूतल पर बहने की बजाय भूमि के नीचे से बहती है और विलुप्त अवस्था में होती हैं।

d) हिमालय के तीन प्रमुख विभागों के नामों उत्तर से दक्षिण के क्रम में बताइए।

उत्तर. i) महान हिमालय अथवा हिमाद्रि।

ii) मध्य हिमालय अथवा हिमाचल।

iii) बाह्य हिमालय अथवा शिवालिक।

e) अरावली और विंघ्याचल की पहाड़ियों में कौन-सा पठार स्थित है?

उत्तर. मालवा का पठार।

f) भारत के उन द्वीपों के नाम बताइए जो प्रवाल भित्ति के है।

उत्तर. भारत में लकाद्वीप, मीनीकाय तथा एमीनदीव प्रवाल भित्ति द्वारा निर्मित द्वीप है जिन्हें आजकल संयुक्त रूप से लक्षद्वीप द्वीप समूह के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न 3. निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए:-

1) अपसारी तथा अभिसारी भूगर्भीय प्लेटे।

उत्तर: अपसारी भूगर्भीय प्लेते –

– ये प्लेटे प्राय: एक दूसरे के विपरित दिशा में जाती है।

– इन प्लेटों के फलस्वरुप अपसारी किनारों का निर्माण होता है जो प्राय: महासागरों के मध्य कतको के साथ- साथ होते है।

– अपसारी प्लेटो के एक दूसरे से दूर जाने के कारण क्षैतिज रूप से चट्टानी सतहों में खींचाव होता है, जिसके फलस्वरूप भ्रंश घाटी तथा खंड पर्वतों की उत्पति होती है।

अभिसारी भूगर्भीय प्लेटे-

– ये प्लेटें प्राय: एक दूसरे के नजदीक आती है।

– इन प्लेटों प्राय: एक फलस्वरुप अभिसारी परिसीमा का निर्माण होता है। इस प्रक्रिया में ज्वालामुखी उद्भेदन जैसी क्रियाएं होती है।

– अभीसारी प्लेटों के एक दूसरे के नजदीक आने के कारण उनके बीज में स्थित अवसादी शैलों‌ पर दबाव पड़ने के कारण वलीत पर्वतों का निर्माण होता है। हिमाचल पर्वत इसी प्रक्रिया का परिणाम है।

2) बांगर और खादर –

बांगर:-

– बांगर कंकड़ मिश्रित पुरानी जलोढ मिट्टी वाली मैदान भू – पट्टी है।

– इस मैदान भाग में प्राय: बाढ़ का जल नहीं पहुंच पाता।

– यह कम उपजाऊ होता है।

खादर:-

– बाढ़ के मौसम में प्रतिवर्ष मैदान के निचले भागो में जमा होने वाली जलोढ मिट्टी खादर कहलाती है।

– यहां प्रतिवर्ष बाढ़ का पानी पहुंचता है जो इस क्षेत्र में मिट्टी की महीन परत बिछा देते है।

– यह अत्यन्त उपजाऊ होता है।

3) पूर्वीघाट तथा पश्चिमी घाट :-

पूर्वीघाट –

– यह दक्कन के पठार के पूर्व में उड़ीसा के उत्तरी तट से तमिलनाडु तक फैली टूटी हुई पहाड़ियों की श्रृंखला है।

– उत्तरी सरकार तथा कोरोमंडल नामक तटीय मैदान पूर्वी घाट में ही स्थित है।

– महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी आदि नदियां इसी मैदान से होकर बहती है।

पश्चिमी घाट –

– ये दक्कन के पठार के पश्चिमी तट के साथ साथ ताप्ती नदी के मुहाने से कन्याकुमारी तक फैले पर्वत है जिन्हे पश्चिमी घाट के नाम से जाना जाता है।

– पश्चिमी घाट में कोंकण एवं मालाबार। नामक तटीय मैदान स्थित है।

– इस घाट की प्रमुख नदियां नर्मदा, साबरमती, मही और ताप्ती है।

प्रश्न 4. बताएं हिमालय का निर्माण कैसे हुआ था ?

परिणामस्वरूप यह प्लेट अपने से अधिक विशाल प्लेट, यूरेशियन प्लेट से टकरायी। इस टकराव के कारण इन दोनों प्लेटों के बीच स्थित ‘ टेथिस ‘ भू – अभीनति की अवसादी चट्टाने, वलित होकर हिमालय तथा पश्चिम एशिया की पर्वतीय श्रृंखला के रूप में विकसित हो गई।

उत्तर: ‘ टेथिस’ सागर में लगातार लाखों वर्षों तक अवसादों के भारत रहने और ठीक इसी समय पृथ्वी की आंतरिक गतियो के कारण प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर की ओर अपसारित होते रहने से टेथिस सागर ने सिकुड़ना आरंभ कर दिया। टेथीस सागर में जमा अवसादों में वलय पड़ने लगे और वे ऊपर की ओर उठने‌ लगे उत्तर दिशा की ओर प्रवाह के

प्रश्न 5. भारत के प्रमुख भू-आकृतिक विभाग कौन से है? हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीप पठार के उच्चाव लक्षणों में क्या अंतर है?

उत्तर. भारत के प्रकृतिक भू-भागों को निम्नलिखित भागों में बाँटा जा सकता है:

  1. हिमालय पर्वत तथा उनकी श्रृंखलाएं
  2. उत्तरी मैदान
  3. प्रायद्वीपीय पठार
  4. तटीय मैदान
  5. द्वीप समूह

हिमालय क्षेत्र:

  1. यह नवनिर्मित वलिन पर्वतीय क्षेत्र है।
  2. हिमालय क्षेत्र भारत के उत्तरी-पश्चिमी में जम्मू-कश्मीर से दक्षिण-पूर्व अरुणाचल प्रदेश तक चाप के आकार में फैला हुआ है।
  3. यह क्षेत्र कायांतरित शैलों, ग्रेनाइट आवरण, एकांतरित एवं कमजोर अवसादी शैलों द्वारा निर्मित हुआ है।
  4. यह अधिकांश नदियों का उद्गम स्थल है।

प्रायद्वीपीय पठार:

  1. यह गोलाकार पहाड़ियों वाला एक अत्यंत प्राचीन भू-भाग है।
  2. यह क्षेत्र उत्तरी मैदान के दक्षिण में त्रिभुज की आकृति में फैला हुआ है जिसका शीर्ष कन्याकुमारी है।
  3. यह आग्नेय एवं कायांतरित शैलों द्वारा निर्मित भू-भाग है।
  4. यहाँ की नादिया प्रायः प्रोढावस्था में रहती है।
  5. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहाँ हिमनद एवं दर्रों का सर्वदा अभाव रहता है।

प्रश्न 6. भारत के उत्तरी मैदान का वर्णन कीजिए।

उत्तर. भारत के उत्तरी मैदानो का निर्माण सिंधु, गंगा तथा ब्रह्मपुत्र एवं इसकी सहायक नदियों द्वारा हुआ है। लाखों वर्षों में हिमालय के गिरीपाद में स्थित एक बहुत बड़े बेसिन में जलोढ़ो के निक्षेपों द्वारा निर्मित यह अत्यंत उपजाऊ मैदान है। इस मैदान की लम्बाई 2400 कि.मी. है तथा यह 240 से 320 कि.मी. चौड़ा है। इसका सकल क्षेत्रफल लगभग 7 लाख वर्ग कि.मी. है। अपनी अनुकूल पर्यवरणीय विशेषताओं के कारण यह भारत का सबसे अधिक कृषि उत्पादन वाला क्षेत्र है।

प्रश्न 7. निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए :-

1) मध्य हिमाचल – यह श्रृंखला हिमाद्रि के दक्षिण में स्थित है एवम् इसे हिमाचल एवम् निम्न हिमाचल के नाम सा जाना जाता है। इन श्रृंखलाओं  का निर्माण मुख्यत: अत्यधिक संपीडित तथा परिवर्तित शैलो से हुआ है।इनकी ऊंचाई 3,700 मीटर से 4500 मीटर के बीच तथा औसत चौड़ाई 50 किलोमिटर है जबकि पीर पंजाल श्रृंखला सबसे लंबी तथा सबसे महत्त्वपूर्ण श्रृंखला है। धौलाधार एवम् श्रृंखला में कश्मीर की घाटी तथा हिमाचल के कांगड़ा एवम् कुल्लू की घाटियां स्थित है। इस क्षेत्र को पहाड़ी नगरों के लिए जाना जाता है।

2) मध्य उच्च भूमि – नर्मदा नदी के उत्तर में प्रायद्वीपीय पठार का वह भाग जो कि मालवा के पठार के अधिकतर भागों पर फैला है, उसे मध्य उच्च भूमि के नाम से जाना जाता है। विंध्य श्रृंखला दक्षिण में मध्य उच्चभूमि तथा उत्तर – पश्चिमी में अरावली से घिरी है। पश्चिम में यह धीरे – धीरे राजस्थान के बुलाई तथा पथरीले मरुस्थल से मिल जाता है। इस क्षेत्र में बहने वाली नदियां चंबल,सिंध, बेतवा तथा केन दक्षिण – पश्चिम से उत्तर पूर्वी की ओर बहती है। इस पठार के पूर्वी विस्तार को स्थानीय रूप से बुंदेलखंड तथा बघेलखंड के नाम से जाना जाता हैं।

3) भारत के द्वीप समूह – भारत में मुख्यत: दो द्वीप समूह है लक्षद्वीप एवम् अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह। केरल के मालाबार तट के पास लक्षद्वीप स्थित है। पहले इनको लकादीप, मीनीकाय तथा एमीनदीव के नाम से जाना जाता है।1973 में, इनका नाम लक्षद्वीप रखा गया। यह 32 वर्ग किलोमीटर के छोटे से क्षेत्र में फैला है।कावारती द्वीप लक्षद्वीप का प्रशासनिक मुख्यालय है। इस द्वीप समूह पर पादप तथा जंतु के बहुत से प्रकार पाये जाते है। पिटली द्वीप जहां मनुष्य का निवास नहीं है, वहां एक पक्षी अभयारण्य है।

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भारत के मानचित्र पर निम्नलिखित को दर्शाइए-

  1. पर्वत और पर्वत श्रृंखलाएं- काराकोरम, जास्कर, पटकाई, बम्ब, जेंटिया, विंध्या श्रृंखला, अरावली, कोर्डेम्म पर्वत श्रृंखला।
  2. पर्वत शिखर- K-2, कंचनजुंगा, नंगा पर्वत, अनाईमुडी।
  3. पठार- शिलांग, छोटा नागपुर, मालवा और बुन्देलखण्ड।
  4. थार मरुस्थल, पश्चिमी घाट, लक्ष्यद्वीप समूह, गंगा- यमुना दोआब और कोरेमंडल तट।
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उत्तर. (I) पर्वत और पर्वत श्रृंखलाएं- कराकोरम (जम्मू और कश्मीर), जास्कर ( जम्मू तथा कश्मीर), पटकाई बम्ब ( नागालैंड), जेंतिया ( असम और मेघालय), विंध्या श्रृंखला ( मध्य प्रदेश ), अरावली (राजस्थान), कार्डेम्म ( तमिलनाडु ) में हैं।

(II) शिखर- K-2 (जम्मू और कश्मीर), कंचनजुंगा (सिक्किम), नंगा पर्वत ( जम्मू और कश्मीर), अनाईमुडी (तमिलनाडु) में है।

(iii) पठार- शिलांग ( मेघालय ), छोटा नागपुर ( छत्तीसगढ़ और झारखंड ), मालवा ( मध्य प्रदेश ) में है।

(iv) थार मरुस्थल ( राज्यस्थान ), पश्चिमी घाट ( भारत के पश्चिमी तट के साथ – साथ ), लक्ष्यद्वीप समूह ( अरब सागर), गंगा – यमुना दोआब ( उत्तरी मैदान ), कोरोमण्डल तट ( पूर्वी तट का दक्षिणी भाग)।

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